आ सुनाऊ तुझे कहानी, एक लड़की की
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की.
आ सुनाऊ तुझे .......................
जब लहराती है जुल्फें उसकी, घना बादल छा जाता है,
आँख मिलकर आँख चुराना, उसे बहुत आता है.
ऐसा लगता है, जैसे कि.......
दिखा हुआ इक इन्द्रधनुष, आकाश में छिप जाता है.
आ सुनाऊ तुझे कहानी, एक लड़की की
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की..
बड़ी चंचल है, बड़ी भोली
मुझे खोजती रहती है वह, ऐसी एक रानी की
क्या बताऊ........?
मिलने पर उसका शर्मना, सिमट के यूँ बाँहों में छिप जाना
कितनी अच्छी बोली उसकी, कोयल से शर्त लगाती है.
खुद को कहती है "मधु".....
ऐसी एक परी की .........
आ सुनाऊ कहानी तुझे, एक लड़की की
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की.
:- मणिकांत मिश्र "मनीष"
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की.
आ सुनाऊ तुझे .......................
जब लहराती है जुल्फें उसकी, घना बादल छा जाता है,
आँख मिलकर आँख चुराना, उसे बहुत आता है.
ऐसा लगता है, जैसे कि.......
दिखा हुआ इक इन्द्रधनुष, आकाश में छिप जाता है.
आ सुनाऊ तुझे कहानी, एक लड़की की
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की..
बड़ी चंचल है, बड़ी भोली
मुझे खोजती रहती है वह, ऐसी एक रानी की
क्या बताऊ........?
मिलने पर उसका शर्मना, सिमट के यूँ बाँहों में छिप जाना
कितनी अच्छी बोली उसकी, कोयल से शर्त लगाती है.
खुद को कहती है "मधु".....
ऐसी एक परी की .........
आ सुनाऊ कहानी तुझे, एक लड़की की
कश्मीर की कली कह या मेरे दिल के रानी की.
:- मणिकांत मिश्र "मनीष"
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