Zindagi ki ashli udaan abhi baaki hai, Mere irado ki imtihan abhi baki hai! Abhi to napi hai mutthi bhar zamin humne, Aage sara aasman abhi baaki hai!!

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Thursday, April 15, 2010

1. अनुबंध क्या हैं ? वैध अनुबंध के आवश्यक तत्वों की संक्षिप्त में व्याख्या कीजिये!

अनुबंध अधिनियम की धारा 2(H) के अनुसार, अनुबंध ऐसा समझौता / करार हैं जो कानून द्वारा प्रवर्तनीय हों !

इस परिभाषा को स्पष्ट करने के लिए करार शब्द का अर्थ जानना आवश्यक हैं जो इस प्रकार हैं -

अनुबंध अधिनियम की धारा 2(E) के अनुसार, वचन तथा वचनों का समूह जो एक - दुसरे के लिए प्रतिफल हो करार कहलाता हैं !

अनुबंध


अनुबंध एक ऐसा समझौता हैं जो पक्षकारों के बिच दायित्व उत्तपन्न करता हैं एवं उनकी व्याख्या करता हैं ! दुसरे शब्दों में कहा जा सकता हैं कि अनुबंध दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच ऐसा समझौता हैं जिसमें वे किसी कार्य को करने या न करने का वचन देता हैं !

अनुबंध निश्चित रूप से पक्षकारों के बीच क़ानूनी दायित्व उत्तपन्न करता हैं जिसके द्वारा किसी एक पक्ष को कुछ अधिकार प्राप्त होता हैं तथा दुसरे पक्ष पर तत्संबंधी दायित्व होता हैं!


वैध अनुबंध के आवश्यक तत्व :-


अनुबंध अधिनियम की धारा 10 के अनुसार, ऐसे समस्त करार अनुबंध होते हैं जो अनुबंध करने के योग्य पक्षकारों उचित प्रस्ताव उचित प से वैध प्रतिफल के लिए तथा वैध उद्देश के लिए किया जाता हैं तथा जिन्हें कानून द्वारा स्पष्ट रूप से व्यर्थ घोषित नहीं किया गया हों

अत: एक वैध अनुबंध के लिए निम्नलिखित आवश्यक तत्व का होना अनिवार्य हैं :-